'बसेड़ा हिंदी क्लब' की 'सन्डे लाइब्रेरी'

'बसेड़ा हिंदी क्लब' की 'संडे लाइब्रेरी'

नमस्कार,राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय विद्यालय बसेड़ा, तहसील-छोटी सादड़ी, जिला प्रतापगढ़ में संचालित 'बसेड़ा हिंदी क्लब' अपनी गतिविधियों के कारण कुछ महीनों से शिक्षा जगत में चर्चा का केंद्र हैं। खैर यह कुछ विशेष बात नहीं मगर ख़ास ख़बर यह है कि यह हिंदी क्लब अब एक नया प्रयोग करने जा रहा है। पिथौरागढ़ क्षेत्र में एज्युकेशन एक्टिविस्ट की भूमिका निभाने वाले शिक्षक और कवि साथी श्री महेश पुनेठा से प्रेरित होकर मैंने यह काम शुरू किया है। इस क्लब की गतिविधियाँ इस ग्रामीण अंचल में नयी दिशा देने का काम कर रही हैं।हाँ तो नया प्रयोग है  'संडे लाइब्रेरी'। इसी क्लब के दो सदस्य यानी कक्षा ग्यारह के छात्र पुष्कर आंजना और दीपक ढोली अपने विद्यालय के बच्चों के लिए 'संडे लाइब्रेरी' का मोड्यूल विकसित कर रहे हैं। स्कूल प्रधानाचार्य श्री महेंद्र प्रताप गर्ग के सतत निर्देशन में बसेड़ा हिंदी क्लब विद्यार्थियों के लिए साहित्यिक माहौल तैयार कर ही रहा है।  'संडे लाइब्रेरी'' के लिए शुरुआत में बसेड़ा के युवा और पढ़ाकू साथी श्री भूपेंद्र आंजना ने कुछ पुस्तकें भेंट की और फिर बाद में अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन की चित्तौड़गढ़ इकाई के रमेश शर्मा जी ने कुछ पत्रिकाएँ उपहार दी थी। अब बसेड़ा निवासी श्री गोपाल जी आंजना के आर्थिक सहयोग और प्रोत्साहन से बसेड़ा हिंदी क्लब  'संडे लाइब्रेरी' के कोंसेप्ट पर ठीक काम कर पा रहा है।

यह आगाज़ स अंचल के बच्चों के लिए भविष्य बनाएगा ऐसी आशा है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि ये बच्चे कई पत्र-पत्रिकाएँ तो पहली दफा छू करके देखेंगे। इसी से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इन विद्यार्थियों को प्रतियोगिता की इस दौड़ में कितनी मेहनत की अभी ज़रूरत है।हमारे देश में लाखों 'बसेड़ा' होंगे मगर हमें ऐसे हर एक बसेड़ा के लिए कुछ करने की ज़रूरत है। कोशिशें भले ही छोटी ही हों मगर सतत रूप से होंगीं तो एक दिन मेहनत रंग लाएंगी। आप साफ़ नियत से काम करना चाहते हैं तो लोग आपको सपोर्ट करने के लिए अपने आप आगे आएँगे ही। ऐसा मेरा पक्का मानना है।

खासकर ऐसे अनूठे प्रयास वंचित तबके या वंचित की तरह ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक परिणाम देने वाले साबित होंगे। खैर मूल बात यह है कि 'संडे लाइब्रेरी' कोंसेप्ट में हिंदी साहित्य विषय को पढ़ने वाले बच्चे ही इस लाइब्रेरी को संचालित करेंगे और खरीदी जाने वाली समस्त पत्र-पत्रिकाओं सहित पुस्तकों का हिसाब रखेंगे। यह गतिविधि विद्यार्थियों में साहित्य के प्रति रूचि जगाने के साथ ही उन्हें जिम्मेदारी का अहसास करवाएंगी। उनके भीतर वोलंटियरशिप की भावना और लीडरशिप का भाव पैदा होगा। भामाशाह और आर्थिक सहयोग देने वाले हमारे साथियों की बदौलत यह लाइब्रेरी संडे जैसे साप्ताहिक अवकाश के दिन स्कूली विद्यार्थियों के लिए दो घंटे संचालित होगी। ऐसा शुरुआती विचार है मगर यह सबकुछ अभी भविष्य के गर्भ में है। एक बार हमारा मन है कि इसके लिए पर्याप्त आर्थिक संसाधन का प्रबंध किया जाए। बस एक बार लगातार पत्र-पत्रिकाएँ और किताबें आना शुरू हो।

अब बसेड़ा के बच्चे पुस्तक प्रेमी भामाशाह के सहयोग से जहां एक तरफ बाल भारती, चम्पक, प्लूटो, नंदन, बाल भास्कर, बालहंस, मेजिक पॉट और चकमक जैसी बाल पत्रिकाएँ पढ़ सकेंगे वहीं सहित प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी के लिए ज़रूरी प्रतियोगिता दर्पण, क्रोनोलोजी,करंट अफेअर्स, रोजगार समाचार, रोजगार सन्देश, इंडिया टुडे और आउटलुक भी पढ़ सकेंगे। वहीं साहित्यिक पत्रिकाओं के तौर पर लिखूं तो फिलहाल आहा! ज़िंदगी, 'हंस' और 'नया ज्ञानोदय' की व्यवस्था की गयी है। हम जल्दी ही अन्य साहित्यिक पत्रिकाएँ भी मंगवाना चाहते चाहेंगे। आपसे निवेदसं है कि और कुछ पत्रिकाएँ हो सकती हैं प्लीज नाम सुझाएँ। संभव हो तो आपके पास रखे कुछ ख़ास मगर अब आपके लिए अनुपयोगी पुराने अंक भी हमें आप भेज सकते हैं। इस कोंसेप्ट पर आपके विचार आमंत्रित हैं।

हम जानते हैं कि अभी यह आयोजना अल्पायु में ही है मगर फिर भी आने वाले वक़्त में हमें इस योजना से बहुत सी आशाएं हैं। कामना है कि जल्दी ही और भामाशाह आगे आएँगे और यह लाइब्रेरी बड़ा रूप लेगी। फिलहाल हम इसे दर्जनभर पत्र-पत्रिकाओं के साथ आरम्भ कर रहे हैं। बाद में संभव होगा तो हम जल्दी ही देशभर के प्रतिष्ठित प्रकाशन गृह से लोकप्रिय और प्रतिनिधि किताबें खरीदकर बसेड़ा हिंदी क्लब के लिए उपलब्ध करवाएंगे ताकि यहाँ के विद्यार्थी इस लाइब्रेरी का उपयोग करके गाँव का नाम रोशन करने के साथ ही अपना व्यक्तित्व बना सकें।

इस  'संडे लाइब्रेरी' की अनौपचारिक शुरुआत राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय विद्यालय बसेड़ा,तहसील-छोटी सादड़ी,जिला प्रतापगढ़ में नौ अक्टूबर को सुबह साढ़े नौ बजे होगी। जब इसका विधिवत स्वरुप बन जाएगा तब इसका औपचारिक उदघाटन भी होगा ही। आप लोग जुड़ें रहें और आर्थिक सहयोग के साथ ही अपनी पुस्तकें हमें भेंट करें। प्लीज । जो इस हेतु कुछ देने का मन रखते हैं। प्लीज हमें संपर्क करें। हमारा विद्यालय परिवार आपका आभारी रहेगा।

आदर सहित
माणिक,संयोजक,बसेड़ा हिंदी क्लब
मोबाइल:9460711896,ई मेल:peeobaseda@gmail.com

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