बसेड़ा की डायरी-10 (जगदीश जी माड़साब)

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सोमवार, 25 दिसंबर 2017

स्वदेशी सामाज खरीदकर अपने राष्ट्र से जुड़ें-सोहन आंजना

प्रेस विज्ञप्ति
स्वदेशी सामाज खरीदकर अपने राष्ट्र से जुड़ें-सोहन आंजना
बसेड़ा में मेहन्दी रचाओ प्रतियोगिता से नवरात्र उत्सव मनाया

बसेड़ा(छोटी सादड़ी) 27 सितम्बर, 2017

हमें अपने इतिहास का अध्ययन करते हुए समझना चाहिए कि हम किस तरह से अपने देश में बन रहे सामान को खरीदकर अपने यहाँ के उद्योगों को बढ़ावा दे सकते हैं। हमारा अतीत कई उदाहरणों से भरा पड़ा है जहां हमने स्वदेशी केन्द्रित आन्दोलन से बड़ी-बड़ी सत्ताओं को झुका दिया है। भारत राष्ट्र से जुड़ने का यह भी एक माध्यम है। जब हम हिन्दुस्तान में ही बनी हुई वास्तु क्रय करते हैं तो अजाने ही अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करते चलते हैं। हमारी इस पहल से देश के ही कई गरीब, मजदूर और कारीगरों के परिवारों को आजीविका मिल सकती है और मिली भी है। खादी जैसे कई कुटीर और लघु उद्योगों को जीवनदान मिला है

यह विचार राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय बसेड़ा में युवा किसान नेता सोहन लाल आंजना ने बुधवार सताईस सितम्बर को प्रार्थना सत्र में व्यक्त किए। इस मौके पर विद्यार्थियों में स्वदेशी अपनाओं के पोस्टर और स्टीकर भी वितरित किए गए। प्रधानाचार्य महेंद्र प्रताप गर्ग के सानिध्य में हुई सभा को बाद में स्कूली अध्यापकों ने भी संबोधित किया। विद्यार्थियों ने आगे होकर सामूहिक रूप से स्वदेशी अपनाओ के लिए सहमती भी दर्ज कराई। सभा का संचालन हिंदी व्याख्याता माणिक ने किया

इसी तरह बुधवार दोपहर ही नवरात्र के अवसर पर विद्यार्थियों को स्त्री सशक्तीकरण के मायने पर उद्बोधन दिया गया और रुचिशील प्रतिभागियों के लिए मेहंदी रचाओ प्रतियोगिता आयोजित की गयी। प्रथम सहायक प्रभुदयाल कूड़ी और अध्यापिका स्मृति शर्मा के सानिध्य में सम्पन्न मेहंदी स्पर्धा में स्कूल की कक्षा छह से बारहवीं तक की चालीस बालिकाओं ने हिस्सा लिया। विद्यालय में पहली बार हुई इस तरह की गतिविधि को सभी ने सराहा और उत्साह से हिस्सेदारी की। बच्चों का उत्साहवर्धन करने के लिए सरपंच पुरुषोत्तम मीणा और विद्यालय विकास एवं प्रबंधन समिति सदस्य अमर सिंह आंजना ने विद्यालय का अवलोकन क्र समस्त गतिविधियों पर संतोष व्यक्त किया और आगे भी प्रोत्साहित करने की आशा जताई 

माणिक
संयोजक,बसेड़ा हिंदी क्लब

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